अंगारक शांति

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ज्योतिष शास्त्र में अंगारक योग को अशुभ योग माना जाता है। यह योग कुंडली में मंगल और राहु, केतु, सूर्य की युति से बनता है। यह योग व्यक्ति के जीवन को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अंगारक दोष मंगल ग्रह से जुड़ा एक दोष है। मंगल क्रिया और ऊर्जा, साहस और युद्ध का प्रतीक है। मंगल की अशुभ स्थिति में जन्म लेने वाले व्यक्ति को अंगारक दोष हो सकता है, मंगल मंगल कार्य का कारक है इसलिए विवाह में कठिनाई हो सकती है, या विवाह में धोखा होने के संकेत अधिक होते हैं।

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Description

अंगारक योग एक हानिकारक योग है, इस योग में व्यक्ति में चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है, निर्णय लेने की क्षमता गलत हो सकती है, नुकसान हो सकता है, महत्वपूर्ण काम रुक सकते हैं, अंगारक योग के कारण व्यक्ति को जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ता है, नौकरी, व्यापार, घर में सुख-शांति आदि के लिए ज्योतिषीय दृष्टि से अंगारक योग पूजा करना बहुत जरूरी है, इससे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

 

 

अंगारक दोष के प्रमुख दुष्प्रभाव

दांपत्य जीवन में कठिनाइयां – मंगल के प्रभाव से दांपत्य जीवन में तनाव उत्पन्न हो सकता है।

करियर में कठिनाइयाँ – व्यावसायिक क्षेत्र में उन्नति में बाधाएँ आ सकती हैं।

आर्थिक स्थिति में अस्थिरता – वित्तीय नियोजन में गलती या हानि की संभावना।

स्वास्थ्य समस्याएं – रक्त प्रवाह, या हड्डियों से संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

पारिवारिक रिश्तों में तनाव – परिवारों में कलह बढ़ सकती है।

 

अंगारक योग के लक्षण:

क्रोध और आक्रामकता: अंगारक योग वाले व्यक्ति में क्रोध और आक्रामकता विकसित हो सकती है।

अर्थ एवं स्वास्थ्य समस्याएं: यह योग आर्थिक हानि, व्यावसायिक कठिनाइयां और स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

रिश्ते में परेशानी: यह योग वैवाहिक जीवन और परिवार के सदस्यों के साथ रिश्ते में परेशानी पैदा कर सकता है।

मानसिक तनाव: इस योग से चिंता, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

 

अंगारक योग के परिणाम:

अंगारक योग का फल कुंडली में ग्रहों की स्थिति तथा अन्य योगों पर निर्भर करता है। कुछ राशियों पर इस योग का प्रभाव अधिक तीव्र हो सकता है

 

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अंगारक दोष पूजा के लिए सही समय, स्थान और विधि का पालन करना जरूरी है। कुंडली में मंगल-राहु, मंगल-केतु, सूर्य-मंगल दोष वाले व्यक्ति के जीवन में कठिनाइयों को कम करने के लिए अंगारक दोष  पूजा का आयोजन किया जाता है। आप नीचे दी गई जानकारी का उपयोग करके अंगारक दोष पूजा की तैयारी कर सकते हैं:

 

अंगारक योग: अधिक जानकारी

 

अंगारक दोष पूजा कब करें?

1.मंगल-नक्षत्र योग-मंगल (  चित्रा, धनिष्ठा ) के दिन पूजा करें।

  1. विशेष मुहूर्त – किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से एक बार बात करके विशेष मुहूर्त और समय निश्चित करना आवश्यक है ।

 

अंगारक दोष पूजा कहाँ करें?

  1. तीर्थ स्थान: इस पूजा को त्र्यंबकेश्वर या इसी तरह के तीर्थ क्षेत्र में कर सकते है
  2. पूजास्थान- ज्योतिषीय सलाह के अनुसार घर में भी पूजा की जा सकती है।

 

 

अंगारक दोष पूजा की विधि

 

  1. ज्योतिषी की सलाह – उचित पूजा और उपाय के लिए सबसे पहले अपनी कुंडली देखें।
  2. पंडितों की नियुक्ति- पूजा कराने के लिए उपयुक्त पंडितों का चयन करना जो इस विशेष पूजा में पारंगत हों।
  3. पूजा सामग्री की तैयारी – तांबे का कलश, नारियल, पंचामृत, धूप, दीप आदि की तैयारी।
  4. मंगल कवच और मंत्र जप – पूजा के दौरान मंगल कवच और मंत्र “ओम क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:” का 108 बार जाप करें।
  5. हनुमानजी पूजा- मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का जाप और हनुमानजी की पूजा करें।
  6. यज्ञ और हवन – अंगारक दोष शांति यज्ञ और हवन करना जिसमें विशेष मंत्रों का जाप किया जाता है और आहुतियां दी जाती हैं।
  7. दान- जरूरतमंद व्यक्तियों को लाल वस्त्र, मूंगा रत्न, मसूर दाल, गुड़ का दान।

 

अंगारक योग दोष निवारण पूजा

 

अंगारक योग पूजा करते समय सबसे पहले संकल्प पूजा की जाती है

गणेश पूजन किया जाता है और भगवान गणेश जी को विशेष अर्घ्य अर्पित किया जाता है

कलश में शुद्ध जल भरकर उस पर नारियल स्थापित किया जाता है और वरुण देवता का आवाहन किया जाता है

षोडस मातृका की पूजा की जाती है

इसे कुलस्वामिनी पूजा के नाम से भी जाना जाता है

अंगारक योग का निर्माण मंगल, राहु, सूर्य, केतु जैसे देवताओं से होता है।

महाअभिषेक पूजा इष्टदेव यानी अंगारक देवता के लिए की जाती है जिसमें पंचामृत पूजा जैसी विभिन्न पूजाएं होती हैं

नवग्रह की स्थापना की जाती है

रूद्र पूजा की जाती है

 

अंगारक दोष पूजा के निम्नलिखित लाभ हैं:

 

  1. दाम्पत्य जीवन में तनाव कम होना

मंगल के अशुभ प्रभाव से वैवाहिक जीवन में तनाव उत्पन्न हो सकता है। अंगारक दोष की पूजा करने से यह तनाव दूर होता है और वैवाहिक जीवन में शांति और सद्भाव आता है।

 

  1. स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार

मंगल की अशुभ स्थिति शरीर में ऊर्जा असंतुलन का कारण बनती है जिससे रक्त, हड्डी और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। अंगारक दोष पूजा इन स्वास्थ्य समस्याओं को कम करती है और स्वास्थ्य स्थिति में सुधार करती है।

 

  1. आर्थिक स्थिति में सुधार

मंगल की अशुभ स्थिति से आर्थिक नुकसान और अस्थिरता हो सकती है। अंगारक दोष पूजा से वित्तीय स्थिति में सुधार होता है, नए अवसर खुलते हैं और धन स्थिर होता है।

 

  1. मानसिक शांति और स्थिरता

मंगल की अशुभ स्थिति मानसिक तनाव और अस्थिरता का कारण बन सकती है। अंगारक दोष पूजा से मानसिक शांति और स्थिरता मिलती है। यह व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास और सकारात्मकता लाता है।

 

  1. पारिवारिक रिश्ते सुधारें

मंगल के अशुभ प्रभाव से परिवार के सदस्यों के बीच तनाव पैदा हो सकता है। अंगारक दोष की पूजा करने से पारिवारिक रिश्तों में सुधार होता है और प्रेम, सहयोग और आपसी समझ बढ़ती है।

 

  1. व्यावसायिक जीवन में उन्नति

मंगल की अशुभ स्थिति के कारण व्यावसायिक जीवनदिक्कतें हो सकती हैं. अंगारक दोष पूजा इन कठिनाइयों को दूर करती है, व्यापार में सफलता और पेशेवर जीवन में उन्नति लाती है।

 

  1. दुर्घटनाओं एवं क्षति से बचाव

मंगल की अशुभ स्थिति से दुर्घटनाएं, अचानक नुकसान और आपदाएं हो सकती हैं। अंगारक दोष पूजा इन सभी के प्रभाव को कम करती है और सुरक्षा प्रदान करती है।

 

  1. सकारात्मक ऊर्जा और ऊर्जा को बढ़ावा

 

मंगल की शुभ स्थिति से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। अंगारक दोष की पूजा से यह ऊर्जा मिलती है जिससे हमारी कार्यक्षमता और प्रभावशीलता बढ़ती है।

 

इस प्रकार अंगारक दोष की पूजा करने से जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। इस पूजा के लिए किसी उपयुक्त पंडित या ज्योतिषी से परामर्श लेना हमेशा आवश्यक होता है ताकि पूजा ठीक से हो सके और सभी शुभ परिणाम प्राप्त हो सकें।

 

पूजा के बाद उपाय

  1. मंगलवार व्रत- प्रत्येक मंगलवार व्रत करें।
  2. मंगल मंत्र का जाप- नियमित रूप से मंगल मंत्र का जाप करें।
  3. लाल वस्त्र पहनना – अधिमानतः लाल वस्त्र पहनना।
  4. हनुमान चालीसा जप – दैनिक हनुमान चालीसा जप।

 

ये पूजा और उपाय अंगारक दोष के प्रभाव को कम करके जीवन में स्थिरता, शांति और खुशी प्राप्त करने में सहायक होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अंगारक दोष की पूजा करते समय हमेशा किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से सलाह लेना बहुत जरूरी है।

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