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	<title>Puja &#8211; Shri Renuka Jyotish Karyalay</title>
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	<description>Book a pandit for Puja, Yag, &#38; Astrology</description>
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	<title>Puja &#8211; Shri Renuka Jyotish Karyalay</title>
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		<title>यमल शांती पूजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 15:26:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<strong><a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/yamal-shanti-puja-hi">हिंदी</a> &#124; <a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/yamal-shanti-puja">ENGLISH</a></strong>

यमल शांती पूजा ही एक हिंदू धार्मिक विधी आहे जी यम ग्रह आणि काळ सद्गृह यांच्या शांततेसाठी केली जाते. ज्योतिषशास्त्रानुसार, यम ग्रह मृत्यू आणि न्यायाचा कारक मानला जातो, तर काळ सद्गृह मृत्यूशी संबंधित दुःख आणि वेदना दर्शवते. यमल शांती पूजा या दोन्ही ग्रहांचा शाप दूर करते आणि आयुष्यमान, आरोग्य आणि समृद्धी प्रदान करते.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>* **आयुष्यमान:** यमल शांती पूजा अकाली मृत्यू, अपघात आणि इतर जीवघेणी घटनांपासून बचाव करते आणि दीर्घ आणि निरोगी जीवन प्रदान करते.</p>
<p>* **आरोग्य:**  ही पूजा आरोग्य सुधारते आणि रोगांपासून बचाव करते.</p>
<p>* **मानसिक शांती:**  यमल शांती पूजा मानसिक तणाव, चिंता आणि नकारात्मक विचार दूर करते आणि मन शांत करते.</p>
<p>* **ग्रह-दोषांचा निवारण:**  ज्योतिषशास्त्रानुसार, यमल शांती पूजा यम ग्रह आणि काळ सद्गृहाशी संबंधित ग्रह-दोषांचा निवारण करते आणि त्यांचा नकारात्मक प्रभाव कमी करते.</p>
<p>* **पितृऋण मुक्ती:**  पितरांचे ऋण असल्यास, यमल शांती पूजा त्या ऋणाचे निवारण करते आणि पितरांचे आशीर्वाद प्राप्त करते.</p>
<p>** मनोकामना पूर्ती ** मनोकामना . विवाह कामना,व्यापार,नोकरी कामना पूर्ण होतात</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यमल शांती पूजा विविध प्रसंगांमध्ये केली जाते:</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>ग्रहदोष निवारण: कुंडलीतील ग्रहदोष दूर करण्यासाठी ही पूजा केली जाते.</p>
<p>आरोग्य समस्या: दीर्घकाळ आरोग्याच्या समस्या असल्यास ही पूजा केली जाते.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>**यमल शांती पूजा कधी करतात:**</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>* **मंगळ, बुधवार किंवा शनिवार:**  यमल शांती पूजा मंगळ, बुधवार किंवा शनिवार रोजी करणे शुभ मानले जाते.</p>
<p>* **अमावस्या किंवा पौर्णिमा:**  अमावस्या किंवा पौर्णिमा या तिथींनाही यमल शांती पूजा केली जाऊ शकते.</p>
<p>* **विशेष मुहूर्त:**  एखाद्या अनुभवी ज्योतिषींचा सल्ला घेऊन शुभ मुहूर्त निश्चित करावा</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>**यमल शांती पूजा कुठे करतात:**</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>* **घरी:**  यमल शांती पूजा घरी केली जाऊ शकते.</p>
<p>* **मंदिर:**  त्र्यंबकेश्वर ला   किंवा पवित्र ठिकाणी  यमल शांती पूजा केली जाऊ शकते.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>**यमल शांती पूजेची सामग्री:**</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>* **पंचामृत:**  दूध, दही, तूप, मध आणि गंगाजल यांचे मिश्रण.</p>
<p>* **दीप:**  दिवे लावून पूजा केली जाते.</p>
<p>* **धूप:**  धूप लावून पूजा केली जाते.</p>
<p>* **हळद:**  हळदीचा वापर पूजेसाठी केला जातो.</p>
<p>* **हवन सामग्री :**  हवन सामग्री  वापरून यम ग्रहाला शांत केले जाते.</p>
<p>* **  कंकणधागे:**   कंकण धाग्यांचा वापर मृत्यूशी संबंधित दोषांपासून बचाव करण्यासाठी केला जातो.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यमल   शांती पूजेची किंमत किती?</p>
<p>यमल   शांती  पूजेची किंमत विविध घटकांवर अवलंबून असते:</p>
<p>साधारणतः  पूजेची किंमत रु. 7500 ते रु. 25000 पर्यंत असू शकते,</p>
<p>सटीक पूजेच्या किंमतीसाठी आमच्या ज्योतिषांशी संपर्क करा</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मी   यमल    शांती  पूजेला उपस्थित राहायला पाहिजे का ?</p>
<p>हो, शक्य असेल तर उपस्थित राहिला पाहिजे,</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मी यमल  शांती पूजा ऑनलाईन करू शकतो का?</p>
<p>जर काही कारणास्तव पूजेला यायला शक्य नाही तर आपण ऑनलाइन पुजा करू शकतो</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>या यमल   शांती  पूजेला किती वेळ लागतो?</p>
<p>या पूजेला तीन तास लागू लागतात</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>**यमल शांती पूजेची विधी:**</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>* **पंचामृत आणि फुलांनी गणपती आणि यम ग्रहाची पूजा करणे.**</p>
<p>* **दीप आणि धूप लावून आरती करणे.**</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यमल शांती पूजा ही हिंदू धर्मातील एक अत्यंत महत्वाची पूजा आहे जी घरातील दुहेरी समस्या, ग्रह दोष आणि आरोग्य समस्या दूर करण्यासाठी केली जाते. या पूजेचा योग्य प्रकारे आयोजन आणि पालन केल्यास घरात नकारात्मक ऊर्जा दूर होऊन सकारात्मक परिणाम मिळू शकतात. पूजेचा शुभ मुहूर्त निश्चित करणे आणि योग्य विधीने पूजा करणे अत्यंत आवश्यक आहे. त्यामुळे यमल शांती पूजेसाठी ज्योतिष सल्लागाराचा सल्ला घेऊन पूजा करावी.</p>
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		<title>यमल शांति पूजा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 15:26:05 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<strong><a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/yamal-shanti-puja-ma">मराठी</a> &#124; <a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/yamal-shanti-puja">ENGLISH</a></strong>

एक हिंदू धार्मिक अनुष्ठान है जो यम ग्रह और काल सद्गृह की शांति के लिए किया जाता है। यमल शांति पूजा दोनों ग्रहों के शाप को दूर करती है और दीर्घायु, स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करती है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आयुष्मान: यमल शांति पूजा असामयिक मृत्यु, दुर्घटनाओं और अन्य जीवन-घातक घटनाओं को रोकती है और लंबा और स्वस्थ जीवन प्रदान करती है।</p>
<p>स्वास्थ्य: यह पूजा स्वास्थ्य में सुधार करती है और बीमारियों से बचाती है।</p>
<p>मानसिक शांति: यमल शांति पूजा मानसिक तनाव, चिंता और नकारात्मक विचारों को दूर करती है और मन को शांत करती है।</p>
<p>ग्रह दोषों का निवारण: ज्योतिष के अनुसार, यमल शांति पूजा यम ग्रह और काल सद्गृह से जुड़े ग्रह दोषों को दूर करती है और उनके नकारात्मक प्रभावों को कम करती है।</p>
<p>पैतृक ऋण मुक्ति: यदि कोई पितृ ऋण है तो यमल शांति पूजा से वह ऋण समाप्त हो जाता है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।</p>
<p>इच्छा पूर्तिइच्छा, विवाह की मनोकामना, व्यापार, नौकरी की मनोकामना पूरी होती है</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यमल शांति पूजा विभिन्न अवसरों पर की जाती है:</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>वास्तु दोष निवारण: अगर घर में वास्तु दोष है तो यह पूजा की जाती है।</p>
<p>ग्रह दोष निवारण: यह पूजा कुंडली के ग्रह दोष दूर करने के लिए की जाती है।</p>
<p>स्वास्थ्य समस्याएं: यह पूजा पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं के मामले में की जाती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यमल शांति पूजा कब होती है:</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मंगलवार, बुधवार या शनिवार: यमल शांति पूजा मंगलवार, बुधवार या शनिवार को करना शुभ माना जाता है।</p>
<p>अमावस्या या पूर्णिमा: यमल शांति पूजा अमावस्या या पूर्णिमा तिथियों पर भी की जा सकती है।</p>
<p>विशेष मुहूर्त: शुभ मुहूर्त निर्धारित करने के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श लें</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यमल शांति पूजा कहां की जाती है:</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>घर पर: यमल शांति पूजा घर पर की जा सकती है।</p>
<p>मंदिर: यमल शांति पूजा त्र्यंबकेश्वर या किसी पवित्र स्थान पर ,घर पर भी की जा सकती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यमल शांति पूजा की सामग्री:</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल का मिश्रण।</p>
<p>दीप: दीपक जलाकर पूजा की जाती है।</p>
<p>धूप: पूजा धूप जलाकर की जाती है।</p>
<p>हवन सामग्री:हवन सामग्री के प्रयोग से यम ग्रह शांत होता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यमल शांति पूजा की लागत कितनी है?</p>
<p>यमल शांति पूजा की लागत विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है:</p>
<p>आम तौर पर पूजा का खर्च रु. 7500 से रु. 25000 तक हो सकता है,</p>
<p>सटीक पूजा लागत के लिए हमारे ज्योतिषियों से संपर्क करें</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>क्या मुझे यमल शांति पूजा में शामिल होना चाहिए?</p>
<p>हाँ, यदि संभव हो तो उपस्थित रहना चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>क्या मैं यमल शांति पूजा ऑनलाइन कर सकता हूँ?</p>
<p>अगर किसी कारण से पूजा में आना संभव नहीं है तो हम ऑनलाइन पूजा कर सकते हैं</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस यमल शांति पूजा में कितना समय लगता है?</p>
<p>इस पूजा में तीन घंटे का समय लगता है</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यमल शांति पूजा अनुष्ठान:</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>पंचामृत और पुष्प से गणपति  की पूजा करें।</p>
<p>दीपक और धूप से आरती करें।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>यमल शांति पूजा हिंदू धर्म में एक बहुत ही महत्वपूर्ण पूजा है जो घर में दोहरी समस्याओं, ग्रह दोष, वास्तु दोष और स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने के लिए की जाती है। इस पूजा का उचित आयोजन और पालन घर में नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकता है और सकारात्मक परिणाम ला सकता है। पूजा का शुभ समय तय करना और पूरे विधि-विधान से पूजा करना बहुत जरूरी है। इसलिए यमल शांति पूजा के लिए किसी ज्योतिषीय सलाहकार की सलाह लेनी चाहिए और पूजा करनी चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>व्यतिपात दोष शांति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 14:47:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<strong><a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vyatipat-yog-shanti-ma">मराठी</a> &#124; <a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vyatipat-yog-shanti/">ENGLISH</a></strong>

व्यतिपात ज्योतिष में एक अशुभ योग है और अशुभ प्रभाव के कारण इसे अशुभ माना जाता है। यह योग व्यक्ति के जीवन में कई तरह के नकारात्मक प्रभाव पैदा कर सकता है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="my-4 md:text-lg text-base mx-5 md:mx-0">
<p>व्यतिपात योग का अर्थ है जब सूर्य और चंद्रमा की स्थिति में विशेष स्थितियां होती हैं तो यह योग उत्पन्न होता है। इस योग में बहुत अधिक नकारात्मक ऊर्जा होती है, जो कई समस्याओं का कारण बनती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### व्यतिपात योग का प्रभाव</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योग के प्रभाव नकारात्मक हो सकते हैं:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**कार्यों की असफलता:** इस योग के व्यक्ति द्वारा किये गये कार्य प्रायः अधूरे रहते हैं।</li>
<li>**संघर्ष और टकराव:** रिश्ते और व्यावहारिक समझौते तनाव और असहमति से ग्रस्त होते हैं।</li>
<li>**नकारात्मक ऊर्जा:** यह योग वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा पैदा कर सकता है, जिससे मानसिक अस्थिरता और अशांति हो सकती है।</li>
<li>**स्वास्थ्य समस्याएं:** इस अवधि के दौरान शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती हैं।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### व्यतिपात में योग का महत्व</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योग का महत्व इसके नकारात्मक प्रभावों के कारण है:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**अवधि से बचाव:** व्यतिपात योग की अवधि के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों, निर्णयों, यात्रा और नई गतिविधियों से बचना चाहिए।</li>
<li>**सावधानी:** इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। कार्य समय पर पूरे होने की संभावना कम है।</li>
<li>**शांति पूजा:** व्यतिपात योग के प्रभाव से छुटकारा पाने के लिए विशेष शांति पूजा और उपायों की आवश्यकता होती है।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### व्यतिपात योग पूजा</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### कहां करें पूजा?</p>
<p>व्यतिपात योग के दोष को दूर करने के लिए आमतौर पर घर, मंदिर या पवित्र स्थानों पर त्र्यंबकेश्वर की पूजा की जाती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### पूजा कब करनी चाहिए?</p>
<p>व्यतिपात योग के दोषों को दूर करने के लिए  शुभ समय में पूजा करनी चाहिए।</p>
<p>खासकर यदि आप  शुभ दिन पूजा करते हैं तो आपको इसका लाभ मिलता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### कैसे करें पूजा?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योग के दोषों के निवारण के लिए निम्नलिखित पूजा अनुष्ठान हैं:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**स्नान:** स्नान पवित्र नदी या गंगा जल से करना चाहिए।</li>
<li>**स्थान की सफाई:** पूजा स्थल की साफ-सफाई करनी चाहिए। उस स्थान को गंगाजल या शुद्ध जल से साफ करें।</li>
<li>**मंत्र जप:** मंत्र &#8220;ओम नमो भगवते वासुदेवाय&#8221; और &#8220;ओम नमः शिवाय&#8221; का जाप करना चाहिए।</li>
<li>**अर्चना:** भगवान विष्णु, भगवान शिव और देवी दुर्गा की पूजा में विशेष ध्यान देना चाहिए।</li>
<li>**हवन:**हवन करना चाहिए और उसमें घी का प्रयोग करना चाहिए।</li>
<li>**दान:** गरीबों और जरूरतमंद लोगों को दान देना चाहिए। इसमें भोजन, वस्त्र और धन शामिल हैं।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस पूजा में कितना समय लगता है?</p>
<p>व्यतिपात योग के दोष को दूर करने के लिए पूजा में तीन घंटे का समय लगता है</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>क्या व्यतिपात योग के दोष को दूर करने के लिए पूजा में आना मेरे लिए आवश्यक है?</p>
<p>हाँ यदि संभव हो तो आप आ सकते हैं अन्यथा हम ऑनलाइन पूजा कर सकते हैं</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योग दोष निवारण हेतु पूजा का खर्च कितना है?</p>
<p>दोष निवारण पूजा के लिए व्यतिपात योग की लागत 7500 से 21000 रुपये तक है अधिक जानकारी के लिए हमारे ज्योतिषी से संपर्क करें</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### निष्कर्ष</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योग ज्योतिष शास्त्र में एक अशुभ योग है, जिसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। यह योग कार्य में असफलता, विवाद, नकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। व्यतिपात योग के दोषों को दूर करने के लिए विशेष शांति पूजा की आवश्यकता होती है। पूजा आमतौर पर घर पर, मंदिर में या किसी पवित्र स्थान पर की जाती है। भगवान विष्णु, भगवान शिव और देवी दुर्गा की पूजा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यह पूजा व्यतिपात योग के नकारात्मक प्रभावों से राहत दिलाती है और जीवन में शांति, समृद्धि और खुशहाली लाती है।</p>
</div>
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			</item>
		<item>
		<title>व्यतिपात दोष शांती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 14:47:25 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<strong><a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vyatipat-yog-shanti-hi">हिंदी</a> &#124; <a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vyatipat-yog-shanti/">ENGLISH</a></strong>

व्यतिपात हा ज्योतिषशास्त्रातील एक अशुभ योग आहे.आणि ते अशुभ परिणामामुळे अशुभ मानले जाते. हा योग व्यक्तीच्या जीवनात अनेक नकारात्मक परिणाम निर्माण करू शकतो.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="my-4 md:text-lg text-base mx-5 md:mx-0">
<p>व्यतिपात योग म्हणजे सूर्य आणि चंद्र यांच्या स्थितीत विशेष परिस्थिती जेव्हा होते तेव्हा हा योग निर्माण होतो. या योगामध्ये नकारात्मक ऊर्जा अधिक प्रमाणात असते, ज्यामुळे अनेक समस्यांचे निर्माण होते.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### व्यतिपात योगाचे परिणाम</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योगाचे परिणाम हे नकारात्मक असू शकतात:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**कार्याच्या असफलता:** या योगाच्या कालावधीत केलेली कार्ये सहसा अपूर्ण राहतात किंवा त्यात अडथळे येतात.</li>
<li>**विवाद आणि कलह:** संबंध आणि व्यावहारिक करारामध्ये तणाव आणि मतभेद होण्याची शक्यता असते.</li>
<li>**नकारात्मक ऊर्जा:** या योगामुळे वातावरणात नकारात्मक ऊर्जा निर्माण होऊ शकते, ज्यामुळे मानसिक अस्थिरता आणि अशांतता येऊ शकते.</li>
<li>**आरोग्य समस्या:** या कालावधीत शारीरिक आणि मानसिक आरोग्य समस्यांचे प्रमाण वाढते.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### व्यतिपात योगाचे महत्त्व</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योगाचे महत्त्व हे त्याच्या नकारात्मक प्रभावांमुळे आहे:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**कालावधी टाळावा:** व्यतिपात योगाच्या कालावधीत महत्त्वाची कार्ये, निर्णय, प्रवास, आणि नवीन उपक्रम टाळावे.</li>
<li>**सावधगिरी:** या काळात विशेष सावधगिरी बाळगणे आवश्यक असते. कार्ये वेळेवर पूर्ण करण्याची शक्यता कमी असते.</li>
<li>**शांती पूजा:** व्यतिपात योगाच्या प्रभावांपासून मुक्तता मिळवण्यासाठी विशेष शांती पूजा आणि उपाय करणे आवश्यक आहे.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### व्यतिपात योगाची पूजा</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### पूजा कुठे करावी?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योगाच्या दोष निवारणासाठी पूजा साधारणत: घरात, मंदिरात किंवा पवित्र स्थानांवर त्र्यंबकेश्वर ला केली जाते.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### पूजा कधी करावी?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योगाच्या दोष निवारणासाठी पूजा त्या योगाच्या कालावधीत किंवा शुभ मुहूर्तात करावी. विशेषतः व्यतिपात योगाच्या दिवशी पूजा केल्यास त्याचे फायदे मिळतात.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### पूजा कशी करावी?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योगाच्या दोष निवारणासाठी खालीलप्रमाणे पूजा विधी आहेत:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**स्नान:** पवित्र नदी किंवा गंगाजलाने स्नान करावे.</li>
<li>**स्थल शुद्धीकरण:** पूजास्थानाचे शुद्धीकरण करावे. गंगाजल किंवा शुद्ध पाण्याने स्थान शुद्ध करावे.</li>
<li>**मंत्रजप:** &#8220;ॐ नमो भगवते वासुदेवाय&#8221; आणि &#8220;ॐ नमः शिवाय&#8221; या मंत्रांचा जप करावा.</li>
<li>**अर्चना:** भगवान विष्णु, भगवान शिव आणि देवी दुर्गा यांच्या अर्चनेत विशेष ध्यान द्यावे.</li>
<li>**हवन:** हवन करावे आणि त्यात तुपाचा वापर करावा.</li>
<li>**दान:** गरीब आणि गरजू लोकांना दान करावे. यामध्ये अन्न, वस्त्र, आणि पैसे यांचा समावेश आहे.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>या पूजेला किती वेळ लागतो</p>
<p>व्यतिपात योगाचा  दोष निवारणासाठी   पूजेला तीन तास वेळ लागतो</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योगाचा दोष निवारणासाठी पूजेला मी येणे आवश्यक आहे का</p>
<p>हो शक्य असेल तर येऊ शकता नाहीतर आपण ऑनलाईन पूजा करू शकतो</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योगाचा दोष निवारणासाठी  पूजेला किती खर्च आहे</p>
<p>व्यतिपात योगाचा दोष निवारणासाठी पूजेला 7500  ते 21000  रुपयांपर्यंत खर्च आहे अधिक माहिती साठी आमच्या ज्योतिष तज्ञांना संपर्क करा</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### व्यतिपात योगाची पूजा कधी करावी?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योगाच्या दोष निवारणासाठी पूजा त्या योगाच्या कालावधीत किंवा शुभ मुहूर्तात करावी. विशेषतः व्यतिपात योगाच्या दिवशी पूजा केल्यास त्याचे फायदे मिळतात.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### निष्कर्ष</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>व्यतिपात योग हा ज्योतिषशास्त्रातील एक अशुभ योग आहे, ज्यामुळे नकारात्मक परिणाम होऊ शकतात. या योगामुळे कार्याच्या असफलता, विवाद, नकारात्मक ऊर्जा, आणि आरोग्य समस्या निर्माण होऊ शकतात. व्यतिपात योगाच्या दोष निवारणासाठी विशेष शांती पूजा करणे आवश्यक आहे. पूजा साधारणत: घरात, मंदिरात किंवा पवित्र स्थानांवर केली जाते. विशेषतः भगवान विष्णु, भगवान शिव आणि देवी दुर्गा यांच्या अर्चनेत विशेष ध्यान द्यावे. या पूजेमुळे व्यतिपात योगाच्या नकारात्मक प्रभावांपासून मुक्तता मिळते आणि जीवनात शांती, समृद्धी आणि आनंद प्राप्त होतो.</p>
</div>
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		<title>विष्टीभद्र दोष विष्टी करण शांति</title>
		<link>https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vishti-bhadra-shanti-hi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 14:36:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<strong><a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vishti-bhadra-shanti-ma">मराठी</a> &#124; <a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vishti-bhadra-shanti/">ENGLISH</a></strong>

विष्टिभद्र दोष, जिसे विष्टि करण भी कहा जाता है, ज्योतिष में एक विशेष दोष है। करण पंचांग प्रणाली में समय का एक छोटा विभाजन है, और इसके 11 प्रकार हैं, जिनमें से विष्टि (इस दोष के लिए प्रयुक्त शब्द) करण एक है। यह करण विशेष अशुभ माना जाता है.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>विष्टि करण अस्थिरता एवं अशुभता का सूचक करण है. विष्टि करण की अवधि के दौरान कुछ कार्यों को करना अशुभ माना जाता है। साहसिक एवं कठिन कार्य करने के लिए ये अवधि प्रतिकूल हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विष्टिभद्र दोष का प्रभाव</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>निषेचन दोष कुछ प्रभाव पैदा कर सकते हैं:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**कार्य विफलताएँ:** इस अवधि में किये गये कार्य प्रायः अधूरे रह जाते हैं या बाधित हो जाते हैं।</li>
<li>**विवाद और संघर्ष:** विष्टि करण के समय में रिश्ते और व्यावहारिक समझौते में तनाव और असहमति होने की संभावना रहती है।</li>
<li>**नकारात्मक ऊर्जा:** यह दोष वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा पैदा कर सकता है, जिससे मानसिक अस्थिरता और अशांति हो सकती है।</li>
<li>**स्वास्थ्य समस्याएं:** इस दौरान शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती हैं।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विष्टिभद्र दोष का महत्व</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टिभद्र दोष का महत्व इसके नकारात्मक प्रभावों के कारण है:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**बधियाकरण की अवधि के दौरान महत्वपूर्ण कार्यों, निर्णयों, यात्रा और नए उद्यमों से बचना चाहिए।</li>
<li>**सावधानी:** इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। कार्य समय पर पूरे होने की संभावना कम है।</li>
<li>**शांति पूजा:** विष्टि करण के प्रभाव से छुटकारा पाने के लिए विशेष शांति पूजा और उपायों की आवश्यकता होती है।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विष्टिभद्रा नक्षत्र की पूजा</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### कहां करें पूजा?</p>
<p>विष्टि करण के दोष को दूर करने के लिए पूजा करें, त्र्यंबकेश्वर में ,घर, मंदिर या पवित्र स्थानों पर किया जाता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### पूजा कब करनी चाहिए?</p>
<p>विष्टि करण के दोष को दूर करने के लिए उस अवधि के दौरान या शुभ समय में पूजा की जानी चाहिए।</p>
<p>विशेष मुहूर्त में पूजा करने से इसका लाभ मिलता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टिभद्रा के परिणाम:</p>
<p>अस्थिर: विष्टिभद्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग अस्थिर और बेचैन हो सकते हैं। उन्हें लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने में परेशानी हो सकती है और वे हमेशा नई चीजें करने की तलाश में रहते हैं।</p>
<p>एकाग्रता की कमी: उन्हें ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है और वे आसानी से विचलित हो जाते हैं।</p>
<p>निर्णय लेने में कठिनाई: उन्हें निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है और वे दूसरों पर निर्भर हो सकते हैं।</p>
<p>अन्य चुनौतियाँ: उन्हें स्वास्थ्य समस्याओं, वित्तीय कठिनाइयों और रिश्ते की समस्याओं जैसी अन्य चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### कैसे करें पूजा?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टि करण के दोष को दूर करने के लिए पूजा अनुष्ठान निम्नलिखित हैं:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**स्नान:** स्नान पवित्र नदी या गंगा जल से करना चाहिए।</li>
<li>**स्थान की सफाई:** पूजा स्थल की साफ-सफाई करनी चाहिए। उस स्थान को गंगाजल या शुद्ध जल से साफ करें।</li>
<li>**मंत्र जप:** मंत्र &#8220;ओम गं गणपतये नमः&#8221; और &#8220;ओम शनैश्चराय नमः&#8221; का जाप करना चाहिए।</li>
<li>**अर्चना:** भगवान गणेश और शनि की पूजा में विशेष ध्यान देना चाहिए।</li>
<li>**हवन:**हवन करना चाहिए और उसमें औषधीय घी का प्रयोग करना चाहिए।</li>
<li>**दान:** गरीबों और जरूरतमंद लोगों को दान देना चाहिए। इसमें भोजन, वस्त्र और धन शामिल हैं।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस पूजा में कितना समय लगता है?</p>
<p>विष्टि करण के दोष को दूर करने के लिए पूजा में तीन घंटे लगते हैं</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>क्या विष्टि करण के दोष को दूर करने के लिए पूजा में आना मेरे लिए आवश्यक है?</p>
<p>हाँ यदि संभव हो तो आप आ सकते हैं अन्यथा हम ऑनलाइन पूजा कर सकते हैं</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टि करण के दोष के निवारण के लिए पूजा में कितना खर्च आता है?</p>
<p>विष्टि करण दोष के निवारण के लिए पूजा का खर्च 7500 से 21000 रुपये तक होता है अधिक जानकारी के लिए हमारे ज्योतिषी से संपर्क करें</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टिभद्र का महत्व:</p>
<p>हालाँकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि विष्टिभद्रा नक्षत्र में जन्म लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को इन सभी नकारात्मक प्रभावों का अनुभव नहीं होता है।</p>
<p>बहुत से लोग सफल और संतुष्ट जीवन जीते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टिभद्र नक्षत्र के कुछ सकारात्मक गुण इस प्रकार हैं:</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बुद्धिमत्ता: वे बुद्धिमान और सीखने के लिए उत्सुक होते हैं।</p>
<p>रचनात्मकता: वे रचनात्मक और आविष्कारशील हैं।</p>
<p>साहस: वे बहादुर और साहसी होते हैं।</p>
<p>आध्यात्मिकता: वे आध्यात्मिकता की ओर आकर्षित होते हैं और आत्म-ज्ञान के लिए प्रयास करते हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### निष्कर्ष</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टिभद्र दोष (विष्टि करण) ज्योतिष में एक अशुभ करण है, जिसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। यह दोष कार्य विफलता, विवाद, नकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। विष्टि करण के दोष को दूर करने के लिए एक विशेष शांति पूजा की आवश्यकता होती है। पूजा आमतौर पर घर पर, मंदिर में या किसी पवित्र स्थान पर की जाती है। भगवान गणेश और शनिदेव का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यह पूजा विष्टि करण के नकारात्मक प्रभावों से राहत दिलाती है और जीवन में शांति, समृद्धि और खुशी लाती है।</p>
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		<title>विष्टीभद्र दोष विष्टी करण शांती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 14:36:15 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<strong><a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vishti-bhadra-shanti-hi">हिंदी</a> &#124; <a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vishti-bhadra-shanti/">ENGLISH</a></strong>

विष्टीभद्र दोष, ज्याला विष्टी करण असेही म्हणतात, हा ज्योतिषशास्त्रातील एक विशेष दोष आहे. करण हे पंचांगाच्या पद्धतीमध्ये वेळेचे एक लहान विभाजन आहे, आणि त्याचे 11 प्रकार आहेत, ज्यापैकी विष्टी (या दोषासाठी वापरलेले संज्ञा) करण हा एक आहे. हे करण विशेषत: अशुभ मानले जाते.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>विष्टी करण म्हणजे अस्थिरता आणि अशुभता दर्शविणारा एक करण आहे. विष्टी करणाच्या कालावधीमध्ये काही विशिष्ट कार्ये करणे अशुभ मानले जाते. हे कालखंड धाडसी व कठीण कार्ये करण्यासाठी प्रतिकूल असतात.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विष्टीभद्र दोषाचे परिणाम</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टी करणाच्या दोषामुळे काही विशिष्ट परिणाम होऊ शकतात:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**कार्याच्या असफलता:** या कालावधीमध्ये केलेले कार्ये सहसा अपूर्ण राहतात किंवा त्यात अडथळे येतात.</li>
<li>**विवाद आणि कलह:** विष्टी करणाच्या वेळेत संबंध आणि व्यावहारिक करारामध्ये तणाव आणि मतभेद होण्याची शक्यता असते.</li>
<li>**नकारात्मक ऊर्जा:** या दोषामुळे वातावरणात नकारात्मक ऊर्जा निर्माण होऊ शकते, ज्यामुळे मानसिक अस्थिरता आणि अशांतता येऊ शकते.</li>
<li>**आरोग्य समस्या:** या कालावधीत शारीरिक आणि मानसिक आरोग्य समस्यांचे प्रमाण वाढते.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विष्टीभद्र दोषाचे महत्त्व</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टीभद्र दोषाचे महत्त्व हे त्याच्या नकारात्मक प्रभावांमुळे आहे:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**कालावधी टाळावा:** विष्टी करणाच्या कालावधीत महत्त्वाची कार्ये, निर्णय, प्रवास, आणि नवीन उपक्रम टाळावे.</li>
<li>**सावधगिरी:** या काळात विशेष सावधगिरी बाळगणे आवश्यक असते. कार्ये वेळेवर पूर्ण करण्याची शक्यता कमी असते.</li>
<li>**शांती पूजा:** विष्टी करणाच्या प्रभावांपासून मुक्तता मिळवण्यासाठी विशेष शांती पूजा आणि उपाय करणे आवश्यक आहे.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विष्टीभद्र नक्षत्राची पूजा</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### पूजा कुठे करावी?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टी करणाच्या दोष निवारणासाठी पूजा साधारणत: घरात, मंदिरात किंवा पवित्र स्थानांवर त्र्यंबकेश्वर ला  केली जाते.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### पूजा कधी करावी?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टी करणाच्या दोष निवारणासाठी पूजा त्या कालावधीत किंवा शुभ मुहूर्तात करावी. विशेष मुहूर्ता च्या काळात पूजा केल्यास त्याचे फायदे मिळतात.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टीभद्र याचे परिणाम:</p>
<p>अस्थिरता: विष्टीभद्र नक्षत्रात जन्मलेले लोक अस्थिर आणि अस्वस्थ असू शकतात. त्यांना एका ठिकाणी जास्त काळ टिकून राहण्यास त्रास होऊ शकतो आणि ते नेहमी नवीन गोष्टी शोधत असतात.</p>
<p>एकाग्रतेचा अभाव: त्यांना एकाग्र राहण्यास त्रास होऊ शकतो आणि त्यांचे लक्ष सहजपणे विचलित होऊ शकते.</p>
<p>निर्णय घेण्यास त्रास: त्यांना निर्णय घेण्यास त्रास होऊ शकतो आणि ते इतरांवर अवलंबून राहू शकतात.</p>
<p>अन्य आव्हाने: आरोग्य समस्या, आर्थिक अडचणी आणि नातेसंबंधात समस्या यांसारख्या इतर आव्हानांनाही ते सामोरे जाऊ शकतात.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### पूजा कशी करावी?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टी करणाच्या दोष निवारणासाठी खालीलप्रमाणे पूजा विधी आहेत:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**स्नान:** पवित्र नदी किंवा गंगाजलाने स्नान करावे.</li>
<li>**स्थल शुद्धीकरण:** पूजास्थानाचे शुद्धीकरण करावे. गंगाजल किंवा शुद्ध पाण्याने स्थान शुद्ध करावे.</li>
<li>**मंत्रजप:** &#8220;ॐ गणपतये नमः&#8221; आणि &#8220;ॐ शनैश्चराय नमः&#8221; या मंत्रांचा जप करावा.</li>
<li>**अर्चना:** भगवान गणेश आणि शनिदेव यांच्या अर्चनेत विशेष ध्यान द्यावे.</li>
<li>**हवन:** हवन करावे आणि त्यात औषधी तुपा चा वापर करावा.</li>
<li>**दान:** गरीब आणि गरजू लोकांना दान करावे. यामध्ये अन्न, वस्त्र, आणि पैसे यांचा समावेश आहे.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>या पूजेला किती वेळ लागतो</p>
<p>विष्टी करणाच्या दोष निवारणासाठी   पूजेला तीन तास वेळ लागतो</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टी करणाच्या दोष निवारणासाठी पूजेला मी येणे आवश्यक आहे का</p>
<p>हो शक्य असेल तर येऊ शकता नाहीतर आपण ऑनलाईन पूजा करू शकतो</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टी करणाच्या दोष निवारणासाठी  पूजेला किती खर्च आहे</p>
<p>विष्टी करणाच्या दोष निवारणासाठी पूजेला 7500  ते 21000  रुपयांपर्यंत खर्च आहे अधिक माहिती साठी आमच्या ज्योतिष तज्ञांना संपर्क करा</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टीभद्र याचं महत्त्व:</p>
<p>तथापि, हे लक्षात घेणे महत्त्वाचे आहे की विष्टीभद्र नक्षत्रात जन्मलेल्या प्रत्येक व्यक्तीला या सर्व नकारात्मक परिणामांचा अनुभव येत नाही. अनेक लोक यशस्वी आणि समाधानी जीवन जगतात.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टीभद्र नक्षत्राचे काही सकारात्मक गुणधर्म खालीलप्रमाणे आहेत:</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>बुद्धिमत्ता: ते बुद्धिमान आणि शिकण्यास उत्सुक असतात.</p>
<p>सर्जनशीलता: ते सर्जनशील आणि कल्पक असतात.</p>
<p>धैर्य: ते धाडसी आणि साहसी असतात.</p>
<p>आध्यात्मिकता: ते आध्यात्मिकतेकडे आकर्षित होतात आणि आत्म-ज्ञान प्राप्त करण्याचा प्रयत्न करतात.</p>
<p>### निष्कर्ष</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विष्टीभद्र दोष (विष्टी करण) हे ज्योतिषशास्त्रातील एक अशुभ करण आहे, ज्यामुळे नकारात्मक परिणाम होऊ शकतात. या दोषामुळे कार्याच्या असफलता, विवाद, नकारात्मक ऊर्जा, आणि आरोग्य समस्या निर्माण होऊ शकतात. विष्टी करणाच्या दोष निवारणासाठी विशेष शांती पूजा करणे आवश्यक आहे. पूजा साधारणत: घरात, मंदिरात किंवा पवित्र स्थानांवर केली जाते. विशेषतः भगवान गणेश आणि शनिदेव यांच्या अर्चनेत विशेष ध्यान द्यावे. या पूजेमुळे विष्टी करणाच्या नकारात्मक प्रभावांपासून मुक्तता मिळते आणि जीवनात शांती, समृद्धी आणि आनंद प्राप्त होतो.</p>
]]></content:encoded>
					
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			</item>
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		<title>विशाखा नक्षत्र शांति</title>
		<link>https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vishakha-nakashtra-shanti-hi/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 14:19:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<strong><a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vishakha-nakshatra-shanti-ma">मराठी</a> &#124; <a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vishakha-nakshatra-shanti/">ENGLISH</a></strong>

विशाखा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के जीवन में कुछ विशेष प्रकार के दोष उत्पन्न हो सकते हैं। इन दोषों के प्रभाव और उन्हें दूर करने के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>विशाखा नक्षत्र चंद्र के २७ नक्षत्रों में से एक है। यह नक्षत्र तुला (Libra) और वृश्चिक (Scorpio) राशियों में आता है। यह नक्षत्र दो तारों के समूह से बना होता है और इसका प्रतीक एक तारा है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विशाखा नक्षत्र के प्रभाव</p>
<p>विशाखा नक्षत्र के जातकों पर निम्नलिखित प्रभाव देखे जा सकते हैं:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**शारीरिक स्वास्थ्य**: विशाखा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों का स्वास्थ्य मध्यम रहता है। कभी-कभी त्वचा की समस्याएं और पाचन संबंधी विकार उत्पन्न हो सकते हैं।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<ol start="2">
<li>**व्यक्तित्व**: इस नक्षत्र के व्यक्ति बुद्धिमान, मेहनती, और धैर्यवान होते हैं। हालांकि, उनमें स्वभाव में थोड़ी कठोरता और अहंकार होने की संभावना होती है।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<ol start="3">
<li>**आर्थिक स्थिति**: आर्थिक दृष्टिकोण से यह नक्षत्र मध्यम फलदायी हो सकता है। काम-धंधे में सफलता पाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<ol start="4">
<li>**वैवाहिक जीवन**: इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों का वैवाहिक जीवन सामान्यतः सुखी रहता है, लेकिन कभी-कभी छोटे-मोटे तनाव भी आ सकते हैं।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विशाखा नक्षत्र दोष और इसके परिणाम</p>
<p>विशाखा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों पर कुछ दोष उत्पन्न हो सकते हैं। इन दोषों के परिणाम निम्नलिखित हो सकते हैं:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**सामान्य जीवन में कठिनाइयाँ**: विशेषकर करियर, स्वास्थ्य और आर्थिक क्षेत्र में कठिनाइयाँ आ सकती हैं।</li>
<li>**मानसिक तनाव**: विशेषकर पारिवारिक और व्यावसायिक जीवन में तनाव का सामना करना पड़ सकता है।</li>
<li>**वैवाहिक समस्याएँ**: विवाह होने में देरी या वैवाहिक जीवन में तनाव हो सकता है।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विशाखा नक्षत्र दोष निवारण के उपाय</p>
<p>विशाखा नक्षत्र दोष निवारण के लिए निम्नलिखित उपाय उपयोगी हो सकते हैं:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**विशेष पूजा का आयोजन**: मंदिर में विशाखा नक्षत्र दोष शांति के लिए विशेष पूजा आयोजित करें।</li>
<li>**हनुमान चालीसा का पाठ**: रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें।</li>
<li>**व्रत और उपवास**: मंगलवार को उपवास रखें और हनुमानजी को प्रसाद चढ़ाएं।</li>
<li>**दान**: गाय को चना या हरी सामग्री का दान करें।</li>
<li>**रुद्राभिषेक**: शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करें।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विशाखा नक्षत्र शांति</p>
<p>विशाखा नक्षत्र दोष की शांति के लिए विशेष विधियों का पालन आवश्यक है। शांति पूजा कैसे और कहाँ करनी चाहिए, इसकी जानकारी नीचे दी गई है:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**शांति पूजा कब करें**: विशाखा नक्षत्र के दोषों की शांति के लिए सही मुहूर्त चुनें। इसके लिए ज्योतिष के मार्गदर्शन में शुभ दिन और समय निर्धारित करें।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<ol start="2">
<li>**शांति पूजा कहाँ करें**:</li>
</ol>
<p>&#8211; मंदिर में: अपने चुने हुए देवस्थान में, जैसे त्र्यंबकेश्वर, शांति पूजा कर सकते हैं।</p>
<p>&#8211; घर में: सही स्थान पर पंडित के मार्गदर्शन में शांति पूजा करें।</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol start="3">
<li>**विशाखा नक्षत्र योग पूजा की प्रक्रिया**:</li>
</ol>
<p>&#8211; **गणेश पूजन**: पूजा की शुरुआत में गणेश पूजन करें।</p>
<p>&#8211; **कलश स्थापना**: पवित्र जल से भरे कलश की स्थापना करें।</p>
<p>&#8211; **विशेष मंत्रजप**: विशाखा नक्षत्र शांति के लिए विशेष मंत्रों का जाप करें।</p>
<p>&#8211; **हवन**: शांति हवन करते समय हवनकुंड में विशेष सामग्री अर्पित करें।</p>
<p>&#8211; **आरती**: पूजा के अंत में आरती करें और प्रसाद वितरण करें।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विशाखा नक्षत्र योग पूजा कहाँ करें?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विशाखा नक्षत्र दोष निवारण के लिए पूजा सामान्यतः घर, मंदिर या पवित्र स्थानों पर की जाती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### पूजा का समय और खर्च</p>
<p>&#8211; **पूजा में कितना समय लगता है**: विशाखा नक्षत्र दोष निवारण के लिए पूजा में लगभग तीन घंटे का समय लगता है।</p>
<p>&#8211; **क्या पूजा में उपस्थित होना आवश्यक है**: यदि संभव हो तो उपस्थित होना अच्छा रहेगा, नहीं तो आप ऑनलाइन पूजा भी कर सकते हैं।</p>
<p>&#8211; **पूजा का खर्च**: विशाखा नक्षत्र दोष निवारण के लिए पूजा का खर्च 7500 से 21000 रुपये तक हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए हमारे ज्योतिष विशेषज्ञों से संपर्क करें।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### निष्कर्ष</p>
<p>विशाखा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के जीवन में कुछ दोष उत्पन्न हो सकते हैं, लेकिन सही उपाय और शांति पूजा के माध्यम से इन दोषों का निवारण किया जा सकता है। सही मार्गदर्शन और श्रद्धा से की गई पूजा जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता लाती है।</p>
]]></content:encoded>
					
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		<item>
		<title>विशाखा नक्षत्र शांती</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 14:19:55 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<strong><a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vishakha-nakshatra-shanti-hi">हिंदी</a> &#124; <a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vishakha-nakshatra-shanti/">ENGLISH</a></strong>

विशाखा नक्षत्रात जन्म घेतलेल्या व्यक्तींच्या जीवनात काही विशेष प्रकारचे दोष उद्भवू शकतात. ज्येष्ठा नक्षत्राचे प्रभाव, दोष आणि त्याची शांती याबाबत खालील माहिती देण्यात येत आहे.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>विशाखा नक्षत्र हे चंद्राच्या २७ नक्षत्रांपैकी एक आहे. हे नक्षत्र तुला (Libra) आणि वृश्चिक (Scorpio) राशींमध्ये येते. हे नक्षत्र दोन ताऱ्यांचे समूह असून त्याचे प्रतीक एक तारा आहे.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विशाखा नक्षत्राचे प्रभाव</p>
<p>विशाखा नक्षत्राच्या जातकांवर खालील प्रभाव दिसू शकतात:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**शारीरिक स्वास्थ्य**: विशाखा नक्षत्रात जन्मलेल्या व्यक्तींचे आरोग्य मध्यम राहते. कधी-कधी त्वचेच्या समस्या आणि पाचनसंस्थेशी संबंधित आजार उद्भवू शकतात.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<ol start="2">
<li>**व्यक्तिमत्व**: या नक्षत्रातील व्यक्ती बुद्धिमान, परिश्रमी, आणि धैर्यवान असतात. मात्र, त्यांना स्वभावाने थोडे ताठरपणा आणि अहंकार असण्याची शक्यता असते.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<ol start="3">
<li>**आर्थिक स्थिती**: आर्थिक दृष्ट्या हे नक्षत्र मध्यम फलदायी असू शकते. कामधंद्यात यश मिळवण्यासाठी अधिक परिश्रम करावे लागतात.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<ol start="4">
<li>**वैवाहिक जीवन**: या नक्षत्रात जन्मलेल्या व्यक्तींचे वैवाहिक जीवन सामान्यतः सुखी राहते. पण कधी कधी छोट्या-मोठ्या तणावांचाही सामना करावा लागू शकतो.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विशाखा नक्षत्र दोष आणि त्याचे परिणाम</p>
<p>विशाखा नक्षत्रात जन्म घेतलेल्या व्यक्तींवर काही दोष उद्भवू शकतात. या दोषांचे परिणाम खालीलप्रमाणे असू शकतात:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**सर्वसाधारण जीवनात अडचणी**: विशेषतः करिअर, आरोग्य आणि आर्थिक क्षेत्रात अडचणी येऊ शकतात.</li>
<li>**मानसिक तणाव**: विशेषतः कौटुंबिक आणि व्यावसायिक जीवनात तणाव अनुभवावा लागू शकतो.</li>
<li>**वैवाहिक समस्या**: लग्न जुळण्यासाठी किंवा वैवाहिक जीवनात तणाव येऊ शकतो.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विशाखा नक्षत्र दोष निवारणाचे उपाय</p>
<p>विशाखा नक्षत्र दोष निवारणासाठी खालील उपाय उपयुक्त ठरू शकतात:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**विशेष पूजेचे आयोजन**: मंदिरात विशाखा नक्षत्र दोष शांतीसाठी विशेष पूजा आयोजित करणे.</li>
<li>**हनुमान चालीसा पठण**: दररोज हनुमान चालीसा पठण करणे.</li>
<li>**व्रत आणि उपवास**: मंगळवारी उपवास ठेवणे आणि हनुमानजींना प्रसाद अर्पण करणे.</li>
<li>**दान**: गायीला हरभरा किंवा हरित सामग्री अर्पण करणे.</li>
<li>**रुद्राभिषेक**: शिवलिंगावर रुद्राभिषेक करणे.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>### विशाखा नक्षत्र शांती</p>
<p>विशाखा नक्षत्र दोषाच्या शांतीसाठी विशिष्ट विधींचे पालन करणे आवश्यक आहे. शांती पूजा कशी आणि कुठे करावी याबाबतची माहिती खालीलप्रमाणे आहे:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**शांती पूजा कधी करावी**: विशाखा नक्षत्राच्या दोषांची शांती करण्यासाठी योग्य मुहूर्त निवडावा. यासाठी ज्योतिषाच्या मार्गदर्शनानुसार शुभ दिन आणि वेळ ठरवावी.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<ol start="2">
<li>**शांती पूजा कुठे करावी**:</li>
</ol>
<p>&#8211; मंदिरात: आपल्या निवडलेल्या देवस्थानात,त्र्यंबकेश्वर ला  शांती पूजा करू शकता.</p>
<p>&#8211; घरात: योग्य स्थानावर पुजारी किंवा पंडिताच्या मार्गदर्शनानुसार शांती पूजा करावी.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### विशाखा नक्षत्र योग पूजा कुठे करावी?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विशाखा नक्षत्र   दोष निवारणासाठी पूजा साधारणत: घरात, मंदिरात किंवा पवित्र स्थानांवर केली जाते.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>या पूजेला किती वेळ लागतो</p>
<p>विशाखा नक्षत्र   दोष निवारणासाठी   पूजेला तीन तास वेळ लागतो</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विशाखा नक्षत्र दोष निवारणासाठी पूजेला मी येणे आवश्यक आहे का</p>
<p>हो शक्य असेल तर येऊ शकता नाहीतर आपण ऑनलाईन पूजा करू शकतो</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>विशाखा नक्षत्र   दोष निवारणासाठी  पूजेला किती खर्च आहे</p>
<p>विशाखा नक्षत्र   दोष निवारणासाठी पूजेला 7500  ते 21000  रुपयांपर्यंत खर्च आहे अधिक माहिती साठी आमच्या ज्योतिष तज्ञांना संपर्क करा</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol start="3">
<li>**विशाखा नक्षत्र शांतीची प्रक्रिया**:</li>
</ol>
<p>&#8211; **गणेश पूजन**: पूजेच्या सुरुवातीला गणेश पूजन करणे.</p>
<p>&#8211; **कलश स्थापना**: पवित्र जलाने भरलेला कलश स्थापन करणे.</p>
<p>&#8211; **विशेष मंत्रजप**: विशाखा नक्षत्र शांतीसाठी विशिष्ट मंत्रांचा जप करणे.</p>
<p>&#8211; **हवन**: शांती हवन करताना हवनकुंडात विशेष सामग्री अर्पण करणे.</p>
<p>&#8211; **आरती**: पूजेच्या शेवटी आरती करून प्रसाद वितरण करणे.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>### निष्कर्ष</p>
<p>विशाखा नक्षत्रात जन्मलेल्या व्यक्तींच्या जीवनात काही दोष उद्भवू शकतात, पण योग्य उपाययोजना आणि शांती पूजा करून या दोषांचे निवारण करणे शक्य आहे. योग्य मार्गदर्शनाने आणि श्रद्धेने केलेली पूजा जीवनात सुख, शांती, समृद्धी आणि यश आणते.</p>
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		<title>विश योग शांती</title>
		<link>https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vish-yog-shanti-ma/</link>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 14:01:13 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[चंद्र शनि विष योग हा ज्योतिषशास्त्रातील एक विशेष योग आहे, जो चंद्र आणि शनि यांच्या एकत्रित स्थितीमुळे निर्माण होतो. हा योग अशुभ मानला जातो कारण चंद्र हे मन आणि भावना यांचे प्रतीक आहे तर शनि हे तपस्या, कठोरता आणि कर्माचे प्रतीक आहे. या योगामुळे व्यक्तीच्या जीवनात अनेक नकारात्मक परिणाम होऊ शकतात.]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>चंद्र-शनि विष योग हा एक शक्तिशाली योग आहे ज्याचा व्यक्तीच्या जीवनावर नकारात्मक परिणाम होऊ शकतो. तथापि, हे लक्षात घेणे महत्त्वाचे आहे की हा योग प्रत्येक व्यक्तीवर समानपणे परिणाम करत नाही. काही लोकांना या योगाचा फारसा त्रास होत नाही, तर काही लोकांना त्याचा तीव्र नकारात्मक परिणाम होतो.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### चंद्र शनि विष योग परिणाम काय आहेत?</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**मानसिक अस्थिरता:** या योगामुळे व्यक्तीला मानसिक अस्थिरता आणि तणावाचा सामना करावा लागतो.</li>
<li>**भावनिक तणाव:** भावनांमध्ये अस्थिरता येते आणि व्यक्तीला दु:ख, नैराश्य, चिंता आणि भय जाणवू शकते.</li>
<li>**आरोग्य समस्या:** आरोग्याच्या समस्यांचे प्रमाण वाढू शकते. विशेषतः मानसिक आणि शारीरिक थकवा जाणवतो.</li>
<li>**कार्यात अडथळे:** या योगामुळे कार्यक्षेत्रात अडथळे येऊ शकतात आणि व्यक्तीला त्याच्या कार्यात यश मिळवण्यासाठी अधिक प्रयत्न करावे लागतात.</li>
<li>**संबंधातील तणाव:** संबंधांमध्ये तणाव आणि मतभेद होण्याची शक्यता असते.</li>
</ol>
<p>6** मनोकामना ,विवाह ,नोकरी ,व्यापार  अशा समस्या तयार होने</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### चंद्र शनि विष योगाचे महत्त्व काय आहे?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योगाचे महत्त्व त्याच्या नकारात्मक प्रभावांमुळे आहे. हा योग व्यक्तीच्या जीवनात मानसिक आणि भावनिक समस्यांचा सामना करण्यासाठी तयार करतो. या योगामुळे व्यक्तीला जीवनात अधिक तपस्या, संयम आणि धैर्याने काम करावे लागते.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### नक्षत्राचे फायदे काय?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योगाच्या अस्वस्थतेपासून नक्षत्रातील पूजा करून  शुभ प्रभावांचा उपयोग केला जाऊ शकतो. नक्षत्रांचे फायदे खालीलप्रमाणे असू शकतात:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**मानसिक शांती:** शुभ नक्षत्रांच्या प्रभावामुळे मानसिक शांती मिळते.</li>
<li>**भावनात्मक स्थिरता:** नक्षत्रांचे प्रभाव व्यक्तीला भावनिक स्थिरता देतात.</li>
<li>**आध्यात्मिक उन्नती:** शुभ नक्षत्रांच्या प्रभावामुळे आध्यात्मिक उन्नती होते.</li>
<li>**सकारात्मक ऊर्जा:** नक्षत्रांचे प्रभाव व्यक्तीच्या जीवनात सकारात्मक ऊर्जा आणतात.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### चंद्र शनि विष योग पूजा कुठे करावी?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योगाच्या दोष निवारणासाठी पूजा साधारणत: घरात, मंदिरात किंवा पवित्र स्थानांवर केली जाते.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>या पूजेला किती वेळ लागतो</p>
<p>चंद्र शनि विष योगाच्या   दोष निवारणासाठी   पूजेला तीन तास वेळ लागतो</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योगाच्या दोष निवारणासाठी पूजेला मी येणे आवश्यक आहे का</p>
<p>हो शक्य असेल तर येऊ शकता नाहीतर आपण ऑनलाईन पूजा करू शकतो</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योगाच्या  दोष निवारणासाठी  पूजेला किती खर्च आहे</p>
<p>चंद्र शनि विष योगाच्या  दोष निवारणासाठी पूजेला 7500  ते 21000  रुपयांपर्यंत खर्च आहे अधिक माहिती साठी आमच्या ज्योतिष तज्ञांना संपर्क करा</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### चंद्र शनि विष योग पूजा कशी करावी?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योगाच्या दोष निवारणासाठी खालीलप्रमाणे पूजा विधी आहेत:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**स्नान:** पवित्र नदी किंवा गंगाजलाने स्नान करावे.</li>
<li>**स्थल शुद्धीकरण:** पूजास्थानाचे शुद्धीकरण करावे. गंगाजल किंवा शुद्ध पाण्याने स्थान शुद्ध करावे.</li>
<li>**मंत्रजप:** &#8220;ॐ नमः शिवाय&#8221; आणि &#8220;ॐ शनैश्चराय नमः&#8221; या मंत्रांचा जप करावा.</li>
<li>**अर्चना:** भगवान शिव, भगवान शनिदेव आणि देवी पार्वती यांच्या अर्चनेत विशेष ध्यान द्यावे.</li>
<li>**हवन:** हवन करावे आणि त्यात तुपाचा वापर करावा.</li>
<li>**दान:** गरीब आणि गरजू लोकांना दान करावे. यामध्ये अन्न, वस्त्र, आणि पैसे यांचा समावेश आहे.</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### चंद्र शनि विष योग पूजा कधी करावी?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योगाच्या दोष निवारणासाठी पूजा त्या योगाच्या कालावधीत किंवा शुभ मुहूर्तात करावी.</p>
<p>विशेषतः शनिवारी किंवा चंद्र शनि विष योगाच्या दिवशी पूजा केल्यास त्याचे फायदे मिळतात.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र-शनि विष योग परिणाम:</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मानसिक त्रास: या योगामुळे चिंता, नैराश्य, भय आणि नकारात्मक विचारांचा त्रास होऊ शकतो.</p>
<p>आरोग्य समस्या: या योगामुळे शारीरिक आणि मानसिक आरोग्याच्या समस्या उद्भवू शकतात, जसे की अपचन, अनिद्रा, डोकेदुखी आणि त्वचेचे रोग.</p>
<p>वित्तीय अडचणी: या योगामुळे आर्थिक अडचणी आणि नोकरीमध्ये अडचणी येऊ शकतात.</p>
<p>नातेसंबंधात समस्या: या योगामुळे नातेसंबंधात तणाव आणि वादविवाद निर्माण होऊ शकतात.</p>
<p>इतर अशुभ परिणाम: अपघात, इजा आणि नैसर्गिक आपत्ती यांसारख्या इतर अशुभ परिणामांनाही व्यक्ती सामोरे जाऊ शकते.</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### निष्कर्ष</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योग हा ज्योतिषशास्त्रातील एक अशुभ योग आहे, ज्यामुळे नकारात्मक परिणाम होऊ शकतात. या योगामुळे मानसिक अस्थिरता, भावनिक तणाव, आरोग्य समस्या, कार्यात अडथळे, आणि संबंधांमध्ये तणाव होऊ शकतात. चंद्र शनि विष योगाच्या दोष निवारणासाठी विशेष शांती पूजा करणे आवश्यक आहे. पूजा साधारणत: घरात, मंदिरात किंवा पवित्र स्थानांवर केली जाते. विशेषतः भगवान शिव, भगवान शनिदेव आणि देवी पार्वती यांच्या अर्चनेत विशेष ध्यान द्यावे. या पूजेमुळे चंद्र शनि विष योगाच्या नकारात्मक प्रभावांपासून मुक्तता मिळते आणि जीवनात शांती, समृद्धी आणि आनंद प्राप्त होतो.</p>
]]></content:encoded>
					
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		<title>विष योग शांति</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 20 Aug 2024 14:01:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<strong><a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vish-yog-shanti-ma">मराठी</a> &#124; <a href="https://shrirenukajyotishkaryalay.com/store/puja/vish-yog-shanti/">ENGLISH</a></strong>

चंद्र शनि विष योग ज्योतिष शास्त्र में एक विशेष योग है, जो चंद्रमा और शनि की युति से बनता है। यह योग अशुभ माना जाता है क्योंकि चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतीक है जबकि शनि तप, तपस्या और कर्म का प्रतीक है। यह योग व्यक्ति के जीवन में कई नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>चंद्र-शनि विष योग एक शक्तिशाली योग है जो व्यक्ति के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालाँकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह योग हर व्यक्ति पर समान रूप से प्रभाव नहीं डालता है। कुछ लोगों पर इस योग का बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ता है तो कुछ पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### चंद्र शनि विष योग का क्या फल होता है?</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**मानसिक अस्थिरता:** इस योग के कारण व्यक्ति को मानसिक अस्थिरता और तनाव का सामना करना पड़ता है।</li>
<li>**भावनात्मक तनाव:** भावनाएँ अस्थिर हो जाती हैं और व्यक्ति उदासी, अवसाद, चिंता और भय का अनुभव कर सकता है।</li>
<li>**स्वास्थ्य समस्याएं:** स्वास्थ्य समस्याओं की घटनाएं बढ़ सकती हैं। खासकर मानसिक और शारीरिक थकान।</li>
<li>**कार्य में बाधाएं:** यह योग कार्यक्षेत्र में बाधाएं उत्पन्न कर सकता है और व्यक्ति को अपने कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए अधिक प्रयास करने की आवश्यकता होती है।</li>
<li>**रिश्ते में तनाव:** रिश्ते तनाव और असहमति से ग्रस्त होते हैं।</li>
</ol>
<p>6**इच्छा, विवाह, नौकरी, व्यवसाय जैसी समस्याएं निर्मित होंगी</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### चंद्र शनि विष योग का क्या महत्व है?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योग का महत्व इसके नकारात्मक प्रभावों के कारण है। यह योग व्यक्ति को जीवन में मानसिक और भावनात्मक समस्याओं से निपटने के लिए तैयार करता है। इस योग के कारण व्यक्ति को जीवन में अधिक तपस्या, धैर्य और साहस से काम लेना पड़ता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### नक्षत्र के क्या लाभ हैं?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योग की असुविधा से नक्षत्र की पूजा करके शुभ प्रभावों का लाभ उठाया जा सकता है। नक्षत्रों के लाभ इस प्रकार हो सकते हैं:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**मानसिक शांति:** शुभ नक्षत्रों के प्रभाव से मानसिक शांति मिलती है।</li>
<li>**भावनात्मक स्थिरता:** नक्षत्रों का प्रभाव व्यक्ति को भावनात्मक स्थिरता प्रदान करता है।</li>
<li>**आध्यात्मिक उन्नति:** शुभ नक्षत्रों के प्रभाव से आध्यात्मिक उन्नति होती है।</li>
<li>**सकारात्मक ऊर्जा:** नक्षत्रों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### चंद्र शनि विष योग पूजा कहाँ करें?</p>
<p>चंद्र शनि विष योग के दोष को दूर करने के लिए आमतौर पर घर, मंदिर या पवित्र स्थानों पर पूजा की जाती है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>इस पूजा में कितना समय लगता है?</p>
<p>चंद्र शनि विष योग के दोष को दूर करने के लिए पूजा में तीन घंटे लगते हैं</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>क्या मुझे चंद्र शनि विष योग के निवारण के लिए पूजा में आने की आवश्यकता है?</p>
<p>हाँ यदि संभव हो तो आप आ सकते हैं अन्यथा हम ऑनलाइन पूजा कर सकते हैं</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योग दोष निवारण के लिए पूजा की लागत क्या है?</p>
<p>चंद्र शनि विष योग के दोष निवारण के लिए पूजा की लागत 7500 से 21000 रुपये तक है अधिक जानकारी के लिए हमारे ज्योतिषी से संपर्क करें</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### चंद्र शनि विष योग पूजा कैसे करें?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योग के दोष को दूर करने के लिए पूजा अनुष्ठान निम्नलिखित हैं:</p>
<p>&nbsp;</p>
<ol>
<li>**स्नान:** स्नान पवित्र नदी या गंगा जल से करना चाहिए।</li>
<li>**स्थान की सफाई:** पूजा स्थल की साफ-सफाई करनी चाहिए। उस स्थान को गंगाजल या शुद्ध जल से साफ करें।</li>
<li>**मंत्र जप:** मंत्र &#8220;ओम नमः शिवाय&#8221; और &#8220;ओम शनैश्चराय नमः&#8221; का जाप करना चाहिए।</li>
<li>**अर्चना:** भगवान शिव, भगवान शनिदेव और देवी पार्वती की पूजा में विशेष ध्यान देना चाहिए।</li>
<li>**हवन:**हवन करना चाहिए और उसमें घी का प्रयोग करना चाहिए।</li>
<li>**दान:** गरीबों और जरूरतमंद लोगों को दान देना चाहिए। इसमें भोजन, वस्त्र और धन शामिल हैं।</li>
</ol>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### चंद्र शनि विष योग पूजा कब करें?</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योग के दोषों को दूर करने के लिए उस योग की अवधि या शुभ समय में पूजा करनी चाहिए।</p>
<p>खासतौर पर शुभ  मुहूर्त वाले दिन पूजा की जाए तो इसका लाभ मिलता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चन्द्र-शनि विष योग फल:</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>मानसिक परेशानियां: यह योग चिंता, अवसाद, भय और नकारात्मक विचारों का कारण बन सकता है।</p>
<p>स्वास्थ्य समस्याएं: इस योग से अपचन , अनिद्रा, सिरदर्द और त्वचा रोग जैसी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।</p>
<p>आर्थिक कठिनाइयाँ: यह योग आर्थिक कठिनाइयों और रोजगार में कठिनाइयों का कारण बन सकता है।</p>
<p>रिश्तों में परेशानियां: यह योग रिश्तों में तनाव और वाद-विवाद का कारण बन सकता है।</p>
<p>अन्य अशुभ प्रभाव : दुर्घटना, चोट एवं प्राकृतिकव्यक्ति को विपत्ति जैसे अन्य अशुभ परिणामों का भी सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>#### निष्कर्ष</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>चंद्र शनि विष योग ज्योतिष शास्त्र में एक अशुभ योग है, जिसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। यह योग मानसिक अस्थिरता, भावनात्मक तनाव, स्वास्थ्य समस्याएं, काम में बाधाएं और रिश्तों में तनाव का कारण बन सकता है। चंद्र शनि विष योग के दोषों को दूर करने के लिए विशेष शांति पूजा की आवश्यकता होती है। पूजा आमतौर पर घर पर, मंदिर में या किसी पवित्र स्थान पर की जाती है। भगवान शिव, शनिदेव और माता पार्वती की पूजा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यह पूजा चंद्र शनि विष योग के नकारात्मक प्रभावों से छुटकारा दिलाती है और जीवन में शांति, समृद्धि और खुशी लाती है।</p>
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