विष योग शांति

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चंद्र शनि विष योग ज्योतिष शास्त्र में एक विशेष योग है, जो चंद्रमा और शनि की युति से बनता है। यह योग अशुभ माना जाता है क्योंकि चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतीक है जबकि शनि तप, तपस्या और कर्म का प्रतीक है। यह योग व्यक्ति के जीवन में कई नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

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Description

चंद्र-शनि विष योग एक शक्तिशाली योग है जो व्यक्ति के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालाँकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह योग हर व्यक्ति पर समान रूप से प्रभाव नहीं डालता है। कुछ लोगों पर इस योग का बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ता है तो कुछ पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

 

#### चंद्र शनि विष योग का क्या फल होता है?

 

  1. **मानसिक अस्थिरता:** इस योग के कारण व्यक्ति को मानसिक अस्थिरता और तनाव का सामना करना पड़ता है।
  2. **भावनात्मक तनाव:** भावनाएँ अस्थिर हो जाती हैं और व्यक्ति उदासी, अवसाद, चिंता और भय का अनुभव कर सकता है।
  3. **स्वास्थ्य समस्याएं:** स्वास्थ्य समस्याओं की घटनाएं बढ़ सकती हैं। खासकर मानसिक और शारीरिक थकान।
  4. **कार्य में बाधाएं:** यह योग कार्यक्षेत्र में बाधाएं उत्पन्न कर सकता है और व्यक्ति को अपने कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए अधिक प्रयास करने की आवश्यकता होती है।
  5. **रिश्ते में तनाव:** रिश्ते तनाव और असहमति से ग्रस्त होते हैं।

6**इच्छा, विवाह, नौकरी, व्यवसाय जैसी समस्याएं निर्मित होंगी

 

#### चंद्र शनि विष योग का क्या महत्व है?

 

चंद्र शनि विष योग का महत्व इसके नकारात्मक प्रभावों के कारण है। यह योग व्यक्ति को जीवन में मानसिक और भावनात्मक समस्याओं से निपटने के लिए तैयार करता है। इस योग के कारण व्यक्ति को जीवन में अधिक तपस्या, धैर्य और साहस से काम लेना पड़ता है।

 

#### नक्षत्र के क्या लाभ हैं?

 

चंद्र शनि विष योग की असुविधा से नक्षत्र की पूजा करके शुभ प्रभावों का लाभ उठाया जा सकता है। नक्षत्रों के लाभ इस प्रकार हो सकते हैं:

 

  1. **मानसिक शांति:** शुभ नक्षत्रों के प्रभाव से मानसिक शांति मिलती है।
  2. **भावनात्मक स्थिरता:** नक्षत्रों का प्रभाव व्यक्ति को भावनात्मक स्थिरता प्रदान करता है।
  3. **आध्यात्मिक उन्नति:** शुभ नक्षत्रों के प्रभाव से आध्यात्मिक उन्नति होती है।
  4. **सकारात्मक ऊर्जा:** नक्षत्रों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है।

 

#### चंद्र शनि विष योग पूजा कहाँ करें?

चंद्र शनि विष योग के दोष को दूर करने के लिए आमतौर पर घर, मंदिर या पवित्र स्थानों पर पूजा की जाती है।

 

इस पूजा में कितना समय लगता है?

चंद्र शनि विष योग के दोष को दूर करने के लिए पूजा में तीन घंटे लगते हैं

 

क्या मुझे चंद्र शनि विष योग के निवारण के लिए पूजा में आने की आवश्यकता है?

हाँ यदि संभव हो तो आप आ सकते हैं अन्यथा हम ऑनलाइन पूजा कर सकते हैं

 

चंद्र शनि विष योग दोष निवारण के लिए पूजा की लागत क्या है?

चंद्र शनि विष योग के दोष निवारण के लिए पूजा की लागत 7500 से 21000 रुपये तक है अधिक जानकारी के लिए हमारे ज्योतिषी से संपर्क करें

 

#### चंद्र शनि विष योग पूजा कैसे करें?

 

चंद्र शनि विष योग के दोष को दूर करने के लिए पूजा अनुष्ठान निम्नलिखित हैं:

 

  1. **स्नान:** स्नान पवित्र नदी या गंगा जल से करना चाहिए।
  2. **स्थान की सफाई:** पूजा स्थल की साफ-सफाई करनी चाहिए। उस स्थान को गंगाजल या शुद्ध जल से साफ करें।
  3. **मंत्र जप:** मंत्र “ओम नमः शिवाय” और “ओम शनैश्चराय नमः” का जाप करना चाहिए।
  4. **अर्चना:** भगवान शिव, भगवान शनिदेव और देवी पार्वती की पूजा में विशेष ध्यान देना चाहिए।
  5. **हवन:**हवन करना चाहिए और उसमें घी का प्रयोग करना चाहिए।
  6. **दान:** गरीबों और जरूरतमंद लोगों को दान देना चाहिए। इसमें भोजन, वस्त्र और धन शामिल हैं।

 

 

#### चंद्र शनि विष योग पूजा कब करें?

 

चंद्र शनि विष योग के दोषों को दूर करने के लिए उस योग की अवधि या शुभ समय में पूजा करनी चाहिए।

खासतौर पर शुभ  मुहूर्त वाले दिन पूजा की जाए तो इसका लाभ मिलता है।

 

चन्द्र-शनि विष योग फल:

 

मानसिक परेशानियां: यह योग चिंता, अवसाद, भय और नकारात्मक विचारों का कारण बन सकता है।

स्वास्थ्य समस्याएं: इस योग से अपचन , अनिद्रा, सिरदर्द और त्वचा रोग जैसी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

आर्थिक कठिनाइयाँ: यह योग आर्थिक कठिनाइयों और रोजगार में कठिनाइयों का कारण बन सकता है।

रिश्तों में परेशानियां: यह योग रिश्तों में तनाव और वाद-विवाद का कारण बन सकता है।

अन्य अशुभ प्रभाव : दुर्घटना, चोट एवं प्राकृतिकव्यक्ति को विपत्ति जैसे अन्य अशुभ परिणामों का भी सामना करना पड़ सकता है।

 

 

#### निष्कर्ष

 

चंद्र शनि विष योग ज्योतिष शास्त्र में एक अशुभ योग है, जिसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं। यह योग मानसिक अस्थिरता, भावनात्मक तनाव, स्वास्थ्य समस्याएं, काम में बाधाएं और रिश्तों में तनाव का कारण बन सकता है। चंद्र शनि विष योग के दोषों को दूर करने के लिए विशेष शांति पूजा की आवश्यकता होती है। पूजा आमतौर पर घर पर, मंदिर में या किसी पवित्र स्थान पर की जाती है। भगवान शिव, शनिदेव और माता पार्वती की पूजा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यह पूजा चंद्र शनि विष योग के नकारात्मक प्रभावों से छुटकारा दिलाती है और जीवन में शांति, समृद्धि और खुशी लाती है।

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