मंगल दोष शांति

Call for Price

Availability: In Stock

मराठी | ENGLISH

ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। यह ग्रह ऊर्जा, शक्ति और रोमांच का प्रतीक है। मंगल ग्रह व्यक्ति के जीवन के कई क्षेत्रों को प्रभावित करता है, जैसे स्वास्थ्य, विवाह, करियर और जीवन के अन्य क्षेत्र। प्रभाव डालता है

ज्योतिष शास्त्र में मंगल दोष एक महत्वपूर्ण कारक है जो कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति पर आधारित होता है। मंगल का प्रभाव अशुभ माना जाता है और माना जाता है कि इससे वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य, विवाह और करियर में बाधाएं आ सकती हैं। ऐसे नकारात्मक प्रभावों को कम करने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए मंगल दोष शांति पूजा की जाती है।

Categories: , Tags: ,

Description

मंगल ग्रह के लक्षण

  • स्वरूप: मंगल का रंग लाल है और इसे “लाल ग्रह” के रूप में भी जाना जाता है।
  • स्वामी ग्रह: मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है।
  • तत्व: मंगल अग्नि तत्व से संबंधित है।
  • देवता : मंगल ग्रह के देवता भगवान कार्तिकेय और हनुमानजी हैं।

 

मंगल का शुभ प्रभाव

  • शक्ति और ऊर्जा: मंगल व्यक्ति में शक्ति, ऊर्जा और साहस की भावना बढ़ाता है।
  • नेतृत्व क्षमता: मंगल व्यक्ति में नेतृत्व क्षमता और अधिकार की भावना बढ़ाता है।
  • साहस और साहस: मंगल व्यक्ति में साहस और साहस की भावना बढ़ाता है।
  • प्रतिस्पर्धात्मकता: मंगल व्यक्ति में प्रतिस्पर्धात्मकता की भावना और सफलता प्राप्त करने की इच्छा को बढ़ाता है।
  • आत्मविश्वास: मंगल व्यक्ति में आत्मविश्वास बढ़ाता है।

 

मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव

  • आक्रामकता: मंगल व्यक्ति में आक्रामकता और क्रोध की भावना बढ़ाता है।
  • तनाव और चिंता: मंगल व्यक्ति में तनाव और चिंता बढ़ाता है।
  • दुर्घटनाएं और चोटें: मंगल के कारण दुर्घटनाओं और चोटों का खतरा बढ़ जाता है।
  • वैवाहिक तनाव: मंगल ग्रह वैवाहिक जीवन में तनाव और कठिनाइयां पैदा कर सकता है।
  • वित्तीय अस्थिरता: मंगल वित्तीय अस्थिरता और नुकसान का कारण बन सकता है।
  • विवाह: कुंडली में मांगलिक दोष के कारण विवाह में कई परेशानियां आती हैं

 

मंगल दोष के उपाय

मंगल के अशुभ प्रभाव से छुटकारा पाने और इसके शुभ फल पाने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं:

  • मंगल शांति पूजा: मंगल ग्रह की शांति और दोष निवारण के लिए पूजा की जाती है।
  • हनुमानजी पूजा: हनुमानजी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का जाप करें।
  • मंगलवार व्रत: मंगलवार का व्रत करें।
  • महामृत्युंजय मंत्र का जाप: “ओम त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिम् पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बंधनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ||” इस मंत्र का जाप करें.
  • रुद्राभिषेक: शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करना।
  • दान: मंगल ग्रह से संबंधित वस्तुओं का दान, जैसे लाल कपड़ा, गुड़, चावल और तांबा।

 

 पूजा की क्रमबद्ध प्रक्रिया

  • संकल्प: पूजा करने का संकल्प लें.
  • कलश स्थापना: तांबे के कलश में पवित्र जल भरकर उस पर नारियल रखें।
  • गणपति पूजन: भगवान गणपति का आवाहन करके पूजा करें.
  • मंगल का आवाहन : मंगल का आवाहन करके उसकी पूजा करें।
  • मंत्र जाप : “ॐ अं अंगारकाय नमः” मंत्र का जाप करें।
  • नैवेद्य अर्पण: मंगल ग्रह को फल, मिठाई अर्पित करें।
  • नवग्रह पूजा : नवग्रह भगवान को प्रसन्न करने के लिए नवग्रह पूजा करनी चाहिए
  • रुद्र पूजा: भगवान महादेव की पूजा करनी चाहिए
  • आहुति: यज्ञ में शुद्ध घी, हवन सामग्री डालें
  •  पूर्णाहुति: यज्ञ पूर्ण करें
  • आशीर्वाद: गुरुजी को नमस्कार करें और गुरुजी का आशीर्वाद लें

 

मंगल शांति पूजा के शुभ प्रभाव

  • वैवाहिक जीवन में सुधार: तनाव कम होता है और वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बढ़ता है।
  • स्वास्थ्य में सुधार: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।
  • आर्थिक स्थिरता: आर्थिक स्थितियाँ स्थिर होती हैं और नए अवसर खुलते हैं।
  • मानसिक शांति: मानसिक तनाव कम होने से शांति और स्थिरता प्राप्त होती है।
  • व्यावसायिक प्रगति: व्यावसायिक जीवन में प्रगति और सफलता मिलेगी।
  • पारिवारिक सद्भाव: पारिवारिक रिश्तों में सुधार होता है और खुशहाल माहौल बनता है।
  •  विवाह : विवाह में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए मदत प्राप्त होती है।

 

मांगलिक दोष के विशेष उपाय

  • केदारनाथ या अन्य शक्तिपीठ यात्रा: केदारनाथ,त्र्यंबकेश्वर  या अन्य शक्तिपीठ पर जाकर पूजा करें।
  • पारद शिवलिंग पूजन: पारद शिवलिंग की पूजा करें।
  • मंगल यंत्र स्थापना : मंगल यंत्र स्थापित कर नियमित पूजा करें।
  • लाल जड़ धारण करना: लाल जड़ (लाल गजमोती) धारण करना।
  • विशेष व्रत एवं उपवास : मंगलवार का व्रत एवं उपवास।

 

मंगल ग्रह के प्रभाव से छुटकारा पाने और इसके शुभ फल पाने के लिए उचित उपाय और पूजा करना बहुत जरूरी है। इन सभी उपायों और पूजा को किसी उपयुक्त पंडित या ज्योतिषी के मार्गदर्शन में करना बहुत महत्वपूर्ण है।

 

 मंगल शांति पूजा के लिए उचित समय एवं स्थान

 

  1. **कब**: शुभ समय, शुभ दिन, विशेष योग और विशेष शुभ दिन पूजा।
  2. **कहां**: घर में एक पवित्र स्थान, एक स्थानीय मंदिर, विशेष रूप से त्र्यंबकेश्वर, तीर्थ स्थल पर या मंगल मंदिर में, एक शिव मंदिर पूजा के लिए उपयुक्त है।

 

 मंगल शांति पूजा की लागत कितनी है?

मंगल शांति पूजा की लागत विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है:

आम तौर पर पूजा का खर्च रु. 7500 से रु. 15000 तक हो सकता है,

सटीक पूजा लागत के लिए हमारे ज्योतिषियों से संपर्क करें

 

क्या मुझे मंगल शांति पूजा में शामिल होना चाहिए?

हाँ, यदि संभव हो तो उपस्थित रहना चाहिए।

 

क्या मैं मंगल शांति पूजा ऑनलाइन कर सकता हूँ?

अगर किसी कारण से पूजा में आना संभव नहीं है तो हम ऑनलाइन पूजा कर सकते हैं

 

इस मंगल शांति पूजा में कितना समय लगता है?

इस पूजा में तीन घंटे का समय लगता है

 

मंगल दोष के उपाय

मंगल के अशुभ प्रभाव से छुटकारा पाने और इसके शुभ फल पाने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं:

 

मंगल शांति पूजा: मंगल ग्रह की शांति और दोष निवारण के लिए पूजा की जाती है।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “मंगल दोष शांति”

Your email address will not be published. Required fields are marked *